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तलाक़ शायरी तीन तलाक पर शायरी Shayari On Triple Talaq Divorce Shayari

Shayari on Talaq in Hindi | तलाक पर शायरी Shayari On Divorce

तलाक
तूफ़ाँ

सरेयाम कबूल किया था तुमने,
खुश हो कर निकाह था किया!
तूफ़ाँ आएगें बहुत,
तुम्हें पहले ही आगाह भी किया!!

हल्की जो हवा चली,
तो मुख मोड़ कर मुकर रहे!
तूफ़ाँ के पहले तलाक,
अजीबो-गरीब बात कर रहे!!

क़ायनात की क़यामत पर,
क्यूँ (?) नहीं तुम एतबार करते हो!
रूह का रिश्ता पुराना,
 इत्तेफ़ाक कह पन्ने पलटते हो!!

महज ये ज़िस्मानी बात नहीं,
रूह से रूह की यह बात है।
खुदा तक है गवाह इसका,
तीन तलाक़ महज़ बकवास है।।

डॉ. कवि कुमार निर्मल

तलाक शायरी इन हिन्दी Divorce Shayari Status Quotes in Hindi


तलाक़

दिल में लिऐ कुछ सपने
घर तेरे आई थी
जिंदगी खुशियों से चले
ऐसी दुआ अपनो से पाई थी
हुई कुछ गलती
राह में पैर डगमगाये
अपनो ने ही घर छोड़ दिया
तलाक़ नाम से भरे कान
पैसे से निकल जाएगी जिंदगी,
जिस दिन हुआ तलाक़
सब कुछ बिखर गया
पैसे से भरा बैग सामने
यादे दीवार पर छाई थी
हु घर वाले खुश,
हम दोनो ने अपनी
खुशियां गबाई थी।

प्रतिभा जैन
टीकमगढ़ मध्यप्रदेश।


तीन तलाक पर शायरी Shayari On Triple Talaq | Divorce Shayari

तलाक़ एक दाग़
दुत्कारा कभी, कभी अधमरा कर छोड़ दिया,
सात जन्मों का वचन, ग़ुलामी से जोड़ दिया,
आवाज़ जो उठा ली, ख़िलाफ़ ज़ुल्म की,
तलाक़ का काग़ज़ थमा कर, रिश्ता तोड़ दिया।

डोली पे निकली, अर्थी पे ही जाना,
विदाई के समय, दुहाई देता है ज़माना,
तलाक़शुदा तो दोनों हैं, फिर ये कलंक,
क्यों उजाड़े सिर्फ़ मेरा आशियाना।

हर सुबह मेरी, शाम की तरह ढलती,
माँ सीता की मूरत, अग्नि पथ पे चलती,
लोक-लाज, शर्म व हया के मापदंड से मापते,
दुनिया की तिरछी निगाह सिर्फ़ मुझपे पड़ती।

औरत ही बदनामी पाती है,
क़सूरवार औरत ही कही जाती है।
ज़ुल्म की आग में जलती है,
एक दिन घुट-घुट कर मर जाती है।

तलाक़ अंजाम है बुराई का,
तलाक़ दाग़ नहीं जग हँसाई का,
एक हसीन सफ़र का आग़ाज़ है ये,
तलाक़ नाम है किसी की बेवफ़ाई का।
तलाक़ नाम है किसी की बेवफ़ाई का।

नीलोफ़र फ़ारूक़ी तौसीफ़
Nilofar Farooqui Tauseef
Fb, IG-writernilofar

Talak Shayari Image 

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पति पत्नी नाराजगी शायरी Broken Marriage Quotes In Hindi शादी टूटने पर शायरी, स्टेटस

पूर्णिका - मुझसे होता नही।

भूल जाना तेरी तरह तुझको मुझसे होता नही।
दिल तोड़ देना तेरी तरह तेरा मुझसे होता नही।

बदल जाना बिन मौसम खूब आता है तुझको।
वादा करके मुकर जाना तेरी तरह मुझसे होता नही।

जब भी मिले तुम गैरो की तरह मुस्कुराए भी नही।
देख तुझे रोता हंसना तेरी तरह मुझसे होता नही।

दिया है दर्द जो दिल के बदले चुभते हैं नासूर बनके।
गम में साथ छोड़ जाना मुझे तेरी तरह मुझसे होता नही।

किया है प्यार मैंने नफरत करूं तो करूं कैसे तुझसे।
मिला के आंख फेर लेना तेरी तरह मुझसे होता नही।

फिर लौट के आओगे पास मेरे दावा है मेरा तूझसे।
तेरे बगैर रह पाना तन्हा तेरी तरह मुझसे होता नही।

श्याम कुंवर भारती।
बोकारो झारखंड

Divorce Shayari in Hindi

जब रिश्तों की कद्र नहीं की जाती है,
तो तलाक़ देकर उन्हीं रिश्तों को एक दिन
कत्ल की जाती है, जिसे तलाक़ कहते हैं।
***

किसी की हिचकियों का हिस्सा बनें,
सिसकियों का नहीं..!!
शुभप्रभात
***

गलत राह में आके साँसे भटक गई।
अब साँसे यही आकर अटक गई।।
कृष्णा

Divorce Shayari

काश हम अपनी गलतियों का एहसास कर पाते
काश हम बिछड़ कर फिर से मिल पाते
किसी दिन कहते तुझ से,
हो गई भूल माफ कर दो हमें!
और तेरा हूं तेरा बन कर रह पाते।

Talaq Shayari in Hindi

दिल टूटे और बिछड़ जाए,
वो फिर मिला नहीं करते हैं,
मुरझाये हुए फूल फिर से
डाली पर खिला नहीं करते हैं।
***

मेरी आह का तुम असर देख लेना
वो आएंगे थाम-ए जिगर देख लेना

तलाक शायरी हिंदी में

एक अरसे के बाद तुझे देख कर,
कुछ सवाल से दिल में आते है,
बेइन्तेहाँ मोहब्बत के बाद भी
क्या दो लोग जुदा हो जाते है।

Divorce Quotes in Hindi

महसूस होता है मुझे कुछ यूं,
कि जुदा होना तुझे भी कभी गवारा न था,
पर हैरान हूँ मैं आज !!!
तूने तो कभी मुझे पुकारा न था।

गुरूर और गुस्सा रिश्तों की
अहमियत समझने नहीं देता है,
जुदाई दोनों को बराबर सजा देता है।


Divorce Quotes in Hindi

Divorce Shayari in Hindi

जिंदगी कर रही है मुझसे, ये कैसा मजाक
गमों से निकाह कराती, खुशियों से तलाक।

तलाक़ दे तो रहे हो इताब-ओ-क़हर के साथ
मिरा शबाब भी लौटा दो मेरी महर के साथ।

मत करो तलाक के नाम पर यह गंदा मज़ाक
भूलकर भी ना कहो किसी को तलाक़ तलाक़ तलाक़

हिंदुस्तानी लड़की कभी तलाक नहीं लेती है
हर जुल्म सहती है शोहर की मगर
अच्छी लड़की का भी तलाक नहीं लेती है

दोस्त ने पूछा : तुमने शादी क्यों नहीं की?"
दूसरे दोस्त ने जवाब दिया : "तलाक के डर से।"

रुक गयी है नदी, बदल रही है रास्ता
शायद सागर ने उसे दे दिया है तलाक

तलाक समाज के घटिया बीमारी है
जो एक साथ बहुत से लोगों को बीमार करती है

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